🌾 गिरदावरी क्या होती है?
लेखपाल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य — फसल सर्वेक्षण की पूरी जानकारी
⭐ Exam Alert: UP Lekhpal परीक्षा में गिरदावरी से प्रतिवर्ष 2-3 direct प्रश्न पूछे जाते हैं। यह लेखपाल का सबसे unique कार्य है।
📌 गिरदावरी (Girdawari) क्या है?
गिरदावरी = भूमि पर खड़ी फसल का मौसमी सर्वेक्षण।
प्रत्येक मौसम में लेखपाल प्रत्येक खेत (खसरे) पर जाकर यह देखता है कि:
• किस खसरे पर कौन सी फसल बोई गई है
• कौन काश्तकार (किसान) खेती कर रहा है
• जमीन सिंचित है या असिंचित
• कोई खाली/ऊसर तो नहीं
यह जानकारी खसरा रजिस्टर में दर्ज की जाती है।
प्रत्येक मौसम में लेखपाल प्रत्येक खेत (खसरे) पर जाकर यह देखता है कि:
• किस खसरे पर कौन सी फसल बोई गई है
• कौन काश्तकार (किसान) खेती कर रहा है
• जमीन सिंचित है या असिंचित
• कोई खाली/ऊसर तो नहीं
यह जानकारी खसरा रजिस्टर में दर्ज की जाती है।
📌 गिरदावरी कब होती है?
| गिरदावरी | समय | प्रमुख फसलें |
|---|---|---|
| खरीफ गिरदावरी | जुलाई — नवंबर | धान, गन्ना, मक्का, ज्वार, बाजरा, मूँगफली |
| रबी गिरदावरी | नवंबर — मार्च | गेहूँ, चना, सरसों, मटर, जौ, आलू |
| जायद गिरदावरी | मार्च — जून | तरबूज, खरबूज, लौकी, खीरा, सब्जियाँ |
📌 गिरदावरी की प्रक्रिया — Step by Step
1
मौका निरीक्षण: लेखपाल अपने क्षेत्र के प्रत्येक खेत (खसरे) पर स्वयं जाता है।
2
फसल की पहचान: खेत में खड़ी फसल देखता है — कौन सी फसल है, कितने क्षेत्र में।
3
काश्तकार की पहचान: यह जानता है कि खेती कौन कर रहा है — मालिक स्वयं या बटाईदार।
4
खसरा में दर्ज: सारी जानकारी खसरा रजिस्टर में लिखता है।
5
प्रमाणीकरण: गिरदावरी रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक (RI) को जमा की जाती है।
📌 गिरदावरी का महत्व
PM-KISAN सत्यापन
PM-KISAN योजना में किसान की जमीन और खेती का verification गिरदावरी डेटा से होता है।
फसल बीमा
PM Fasal Bima Yojana में claim के लिए लेखपाल की गिरदावरी रिपोर्ट आवश्यक है।
सिंचाई अधिकार
किस खेत को कितना पानी मिलेगा — गिरदावरी डेटा से तय होता है।
लगान निर्धारण
भूमि पर देय राजस्व (Land Revenue) का निर्धारण गिरदावरी डेटा पर आधारित होता है।
परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न:
• गिरदावरी कौन करता है? → लेखपाल
• खरीफ गिरदावरी कब होती है? → जुलाई से नवंबर
• रबी गिरदावरी कब होती है? → नवंबर से मार्च
• गिरदावरी में क्या दर्ज होता है? → फसल का विवरण, काश्तकार का नाम, सिंचाई स्थिति
• गिरदावरी का डेटा कहाँ दर्ज होता है? → खसरा रजिस्टर में
• गिरदावरी कौन करता है? → लेखपाल
• खरीफ गिरदावरी कब होती है? → जुलाई से नवंबर
• रबी गिरदावरी कब होती है? → नवंबर से मार्च
• गिरदावरी में क्या दर्ज होता है? → फसल का विवरण, काश्तकार का नाम, सिंचाई स्थिति
• गिरदावरी का डेटा कहाँ दर्ज होता है? → खसरा रजिस्टर में
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
गिरदावरी क्या होती है?▼
गिरदावरी (Girdawari) भूमि पर खड़ी फसल का मौसमी सर्वेक्षण है जो लेखपाल द्वारा किया जाता है। इसमें यह दर्ज किया जाता है कि किस खसरे पर कौन सी फसल बोई गई है।
गिरदावरी कब होती है?▼
वर्ष में दो बार: खरीफ गिरदावरी (जुलाई-नवंबर) और रबी गिरदावरी (नवंबर-मार्च)। जायद फसल गिरदावरी मार्च-जून में होती है।
गिरदावरी कौन करता है?▼
गिरदावरी लेखपाल (Lekhpal) करता है। लेखपाल मौके पर जाकर प्रत्येक खसरे पर खड़ी फसल का निरीक्षण करता है और खसरा रजिस्टर में दर्ज करता है।
PM-KISAN के लिए गिरदावरी क्यों जरूरी है?▼
PM-KISAN योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके पास कृषि भूमि है। लेखपाल गिरदावरी के दौरान किसान की जमीन और फसल का सत्यापन करता है।
गिरदावरी और खसरे का क्या संबंध है?▼
गिरदावरी के दौरान लेखपाल जो जानकारी इकट्ठा करता है (फसल, काश्तकार) वह खसरा रजिस्टर में दर्ज की जाती है। गिरदावरी से ही खसरा update होता है।